12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, जिलावासियों से लाभ उठाने की अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लोक अदालत के लाभ, निपटाए जाने वाले मामलों और इसकी प्रक्रिया को लेकर लोगों को किया जागरूक
दरभंगा, 19 अगस्त 2026। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दरभंगा की ओर से आगामी
12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिलावासियों से इसका लाभ उठाने की अपील की गई है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दरभंगा, सिविल कोर्ट परिसर की ओर से जारी जागरूकता सामग्री में लोक अदालत को विवादों के आपसी सहमति और समझौते के आधार पर सरल, शीघ्र और कम खर्च में समाधान का प्रभावी माध्यम बताया गया है।

जानकारी के अनुसार लोक अदालत में न्यायालय में लंबित मामलों के साथ-साथ ऐसे मामलों का भी निपटारा किया जा सकता है, जो अभी न्यायालय में दाखिल नहीं हुए हैं, लेकिन जिनके न्यायालय में जाने की संभावना है।
लोक अदालत के उद्देश्य
- त्वरित, सुलभ और सस्ता न्याय उपलब्ध कराना।
- आपसी सहमति से विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करना।
- लंबे मुकदमों में समय और खर्च की बचत करना।
- न्यायालयों में लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करना।
- पक्षकारों के बीच आपसी संबंधों को बनाए रखना।
- आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को न्याय तक पहुंच उपलब्ध कराना।
- लोगों में कानूनी जागरूकता और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
लोक अदालत से मिलने वाले लाभ
- कोर्ट फीस नहीं लगती।
- समझौते से विवाद का समाधान होता है।
- समय और खर्च की बचत होती है।
- लोक अदालत का अवॉर्ड सिविल कोर्ट की डिक्री के समान होता है।
- लोक अदालत का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होता है।
- पहले जमा की गई कोर्ट फीस की वापसी का प्रावधान है।
लोक अदालत में किन मामलों का निपटारा हो सकता है?
- दीवानी एवं धन-वसूली से संबंधित मामले।
- बैंक ऋण एवं बैंकिंग से संबंधित समझौतायोग्य मामले।
- चेक बाउन्स से संबंधित मामले।
- मोटर दुर्घटना मुआवजा से संबंधित मामले।
- पारिवारिक एवं वैवाहिक विवाद, जो समझौतायोग्य हों।
- श्रम एवं रोजगार से संबंधित समझौतायोग्य विवाद।
- बिजली, पानी एवं अन्य सार्वजनिक उपयोगिता से संबंधित मामले।
- ऐसे आपराधिक मामले जिनमें कानून के अनुसार समझौता किया जा सकता है।
⚠️ ध्यान दें
लोक अदालत में आकर समय और खर्च बचाते हुए शांतिपूर्ण समाधान पाया जा सकता है।
गैर-समझौतायोग्य गंभीर आपराधिक मामलों का निपटारा लोक अदालत में नहीं किया जा सकता।
तलाक (Divorce) का आदेश लोक अदालत द्वारा पारित नहीं किया जाता।
जिलावासियों से अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे अपने समझौतायोग्य विवादों के समाधान के लिए लोक अदालत का लाभ उठाएं।
आपसी सहमति से विवादों का समाधान समय और खर्च बचाने के साथ-साथ पक्षकारों के बीच संबंध बनाए रखने में भी सहायक हो सकता है।
संपर्क करें
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दरभंगा
सिविल कोर्ट परिसर, दरभंगा (बिहार)
संदेश: आपका अधिकार, सुलभ न्याय तक आपकी पहुंच।
आइए, विवाद को बढ़ाएँ नहीं—समझौते से समाधान पाएँ।
मुख्य बातें
- राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर 2026 को होगा।
- लोक अदालत आपसी सहमति और समझौते के आधार पर विवादों के समाधान का माध्यम है।
- न्यायालय में लंबित और कुछ पूर्व-विवाद मामलों का निपटारा किया जा सकता है।
- लोक अदालत में कोर्ट फीस नहीं लगती।
- लोक अदालत का अवॉर्ड सिविल कोर्ट की डिक्री के समान होता है।
- गैर-समझौतायोग्य गंभीर आपराधिक मामलों का निपटारा लोक अदालत में नहीं किया जा सकता।
- तलाक का आदेश लोक अदालत द्वारा पारित नहीं किया जाता।


