मोनू सहनी आत्महत्या मामले में माले ने उठाए पुलिस की भूमिका पर सवाल, डीजीपी स्तर से जांच की मांग
तीन पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी, परिवार और ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने तथा पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग
दरभंगा, 21 अगस्त 2026। भाकपा माले ने दरभंगा के खराजपुर में 19 वर्षीय मोनू सहनी की आत्महत्या के मामले को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, तीन पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार और ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने तथा पीड़ित परिवार को तत्काल 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।

पुलिस प्रताड़ना के आरोप को लेकर माले ने उठाए सवाल
दरभंगा के विनोद मिश्र भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाकपा माले पोलित ब्यूरो सदस्य सह मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने कहा कि दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर की हालिया घटनाओं को लेकर पार्टी का एक शिष्टमंडल जल्द ही डीजीपी से मिलेगा।
धीरेंद्र झा ने आरोप लगाया कि मोनू सहनी पुलिस प्रताड़ना से परेशान था। उनके अनुसार, तीन पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में रायफल के साथ मोनू के घर पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय थाना को सूचना दिए बिना पुलिसकर्मी सघन मुहल्ले में पहुंचे और हवा में फायरिंग करते हुए वहां से भागे।

धीरेंद्र झा ने कहा कि परिवार के मुताबिक चार लाख रुपये देने को लेकर बार-बार धमकी दी जा रही थी। माले नेता के अनुसार, इसी बीच 19 वर्षीय मोनू सहनी ने घर में छिपकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए तीनों पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग की।
डीजीपी स्तर से जांच की मांग
धीरेंद्र झा ने सवाल उठाया कि डीआईयू की कार्रवाई की अगुवाई कौन कर रहा था और स्थानीय थाना को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी के स्तर पर जांच कराने की मांग की।

उन्होंने परिवार और गांव वालों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की भी मांग की। संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर की हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए।
10 लाख रुपये मुआवजे की मांग
माले जिला सचिव बैद्यनाथ यादव ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार को तत्काल 10 लाख रुपये का मुआवजा दे। उन्होंने पीड़ित और ग्रामीणों पर दर्ज बहादुरपुर थाना कांड संख्या 255/2026 को वापस लेने की मांग की।
बैद्यनाथ यादव ने कहा कि यदि तीनों पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, परिवार और गांव वालों पर दर्ज मुकदमा वापस नहीं होता तथा पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा नहीं दिया जाता है, तो 27 अगस्त को भाकपा माले और खेग्रामस की ओर से सभी प्रखंडों में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया जाएगा।
⚠️ मुख्य तथ्य
- मामला दरभंगा के खराजपुर निवासी 19 वर्षीय मोनू सहनी की आत्महत्या से जुड़ा है।
- भाकपा माले ने पुलिस प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
- माले ने तीन पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
- डीजीपी स्तर से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
- पीड़ित परिवार और ग्रामीणों पर दर्ज बहादुरपुर थाना कांड संख्या 255/2026 वापस लेने की मांग की गई है।
- पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है।
- मांगें पूरी नहीं होने पर 27 अगस्त को सभी प्रखंडों में पुतला दहन आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
25 अगस्त तक मांगें पूरी करने की मांग
माले जिला सचिव बैद्यनाथ यादव ने कहा कि तीन पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी, परिवार और ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने तथा 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग 25 अगस्त तक पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर 27 अगस्त को भाकपा माले और खेग्रामस की ओर से सभी प्रखंडों में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया जाएगा।
‘स्कूलों को ठीक करो’ आंदोलन को समर्थन
इस अवसर पर आरवाईए के राज्य उपाध्यक्ष संदीप कुमार चौधरी ने कहा कि दरभंगा विश्वविद्यालय कैंपस में छात्र युवा संसद की सफलता साबित करती है कि शिक्षा, परीक्षा और रोजगार आंदोलन के लिए मिथिला तैयार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा के ‘स्कूलों को ठीक करो’ आंदोलन में भाकपा माले मददगार बनेगा।
रिपोर्ट : जॉर्नलिस्ट रोहित , ब्यूरो दरभंगा


