मोनू सहनी की आत्महत्या मामले में सहायक दरोगा निलंबित
एसएसपी की प्रेस वार्ता में बताया गया, जांच के लिए गठित की गई एसआईटी
दरभंगा, 21 अगस्त 2026। बहादुरपुर थाना क्षेत्र के खराजपुर गांव में 19 वर्षीय मोनू कुमार सहनी की आत्महत्या मामले में एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने सहायक दरोगा इंद्रदेव कुमार को निलंबित कर दिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर सिटी एसपी अशोक कुमार चौधरी के नेतृत्व में एक एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया गया है।

मोबाइल की बरामदगी की सूचना में लापरवाही
एसएसपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि घटना से दो दिन पहले बरामद मोबाइल की सूचना सहायक दरोगा ने वरीय अधिकारी को नहीं दी थी। उन्होंने दो दिनों तक मोबाइल अपने पास रखा और मोनू के घर जाकर जानकारी लेते रहे, जिससे लापरवाही उजागर हुई। इसी कारण उन्हें निलंबित किया गया है।
अन्य पुलिसकर्मियों से भी स्पष्टीकरण
एसएसपी ने बताया कि सहायक दरोगा इंद्रदेव कुमार के बयान पर चार नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिसकर्मियों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है, और मामले की दोनों प्राथमिकी की जांच जारी है।
चोरी का मोबाइल और परिवार का आरोप

एसएसपी ने बताया कि मोनू द्वारा दिया गया मोबाइल दरभंगा के एपीएम थाना क्षेत्र की चोरी का निकला। जब इसकी जानकारी मोनू के परिजनों को दी गई, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने यह मोबाइल कारी सहनी से खरीदा था। इस दिशा में भी जांच जारी है।
परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मी मोबाइल मिलने के बाद भी मोनू के घर पहुंचे थे और 4 लाख रुपये की मांग की थी। राशि देने में असमर्थता जताने पर मोनू ने आत्महत्या कर ली। हालांकि, पुलिस ने अभी तक फायरिंग की बात का खंडन किया है, और कई सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
⚠️ मुख्य तथ्य
- एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने सहायक दरोगा इंद्रदेव कुमार को निलंबित किया।
- एसआईटी का गठन सिटी एसपी अशोक चौधरी के नेतृत्व में किया गया है।
- मामले की जांच में मोबाइल बरामदगी की सूचना में लापरवाही सामने आई।
- चार नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
- मोबाइल चोरी का निकला, परिजनों ने कारी सहनी से खरीदे होने की बात बताई।
- फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई, सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी है।
मुख्य बातें
- सहायक दरोगा को मोबाइल सूचना में लापरवाही के कारण निलंबित किया गया।
- एसआईटी ने मोबाइल बरामदगी के बाद हुई घटना की जांच शुरू की।
- परिवार ने पुलिसकर्मियों पर 4 लाख रुपये की मांग का आरोप लगाया।
- मामले में चार नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
- सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी, अन्य आरोपियों की पहचान होने पर कार्रवाई होगी।
रिपोर्ट : जॉर्नलिस्ट रोहित , ब्यूरो दरभंगा


