🚨 ताज़ा अपडेट
प्रेस विज्ञप्ति: प्रेस सूचना ब्यूरो
RxTv BHARAT | 2026-07-01 07:09:56
पीआईबी बैकग्राउंडर
ई-सारस: बढ़ता बाजार, ग्रामीण महिलाओं का संविधान
निजीकरण दिनांक: 01 जुलाई 2026 12:02 अपराह्न पीआईबी दिल्ली द्वारा
|
बुनकरों और कुम्हारों से लेकर महिला-नेतृत्व वाले साहचर्य साझेदार तक, ग्रामीण शिल्पकार भारत की समावेशी विकास गाथाओं को नई गति प्रदान कर रहे हैं। ई-सरस (ईसारस) मंच के माध्यम से, हजारों स्वयं सहायता एलायंसिस्ट को राष्ट्रीय फ्लैट, डिजिटल सुपरमार्केट और इलेक्ट्रॉनिक्स सहायता तक सीधी पहुंच मिल रही है। बिचौलिए की भूमिका समाप्त हो गई और प्रमुख ई-कॉमर्स मंचों के साथ एकीकरण के माध्यम से, ई-सरस ग्रामीण हस्तशिल्प को वास्तुशिल्प तक के तरीकों में बदला जा रहा है। देश भर के ब्लॉकों और स्थालों में इस मंच की जनसंख्या क्षेत्र में ग्रामीण उद्योगों को मजबूत बनाने में इसका महत्व बढ़ता जा रहा है। ई-सरस जैसे पहले महिला उद्यमिता को आरक्षण देना, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और डिजिटल रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
|
जमीन स्तर से परिवर्तन की हिन्दी

पिछले पंद्रह वर्षों में, डिजिटल इंडिया प्रोग्राम ने शासन व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं के दस्तावेजों में व्यापक बदलाव किए हैं – जिसे वे अधिक विस्तार देते हैं, आसान और प्रभावशाली बन गए हैं। यह परिवर्तन शहर से आगे विशाल ग्रामीण भारत तक का भुगतान किया गया है, जहां प्रौद्योगिकी अब आर्थिक लोकतंत्र है, प्रॉडक्ट्स को मार्केटप्लेस करने और कम्यूनिटी-आधारित एंटरप्राइजेज को बढ़ावा देने का एक प्रभावशाली माध्यम बन गया है।
इस पूरे परिदृश्य में, ई-सरस (सरस प्रोडक्ट) सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। यह ग्रामीण विकास मंत्रालय मंत्रालय द्वारा अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण अनाज मिशन है (डीएवई- फ्लेक्सीप्लेम) के अंतर्गत विकसित किया गया है। इस बात का एक प्रमुख उदाहरण यह है कि किस प्रकार के डिजिटल अवसंरचना का उपयोग जमीनी स्तर पर आर्थिक परिवर्तन को गति देने के लिए प्रभावशाली ढंग से किया जा सकता है।
ई-सरस क्या है?
ई-सरस दवा-समुद्री घर का आधिकारिक ऑफ़लाइन बाज़ार है, जिसे विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता क्लिनिक और उनके द्वारा निर्मित टेक्नोलॉजी के लिए विकसित किया गया है। यहां उपलब्ध हैं बेहतरीन और चुनिंदा हस्तशिल्प उत्पाद, देश-दुनिया की अलग-अलग किस्मों से लेकर मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध चंदेरी सादरियों के बुनेकरों से लेकर राजस्थान के संगमरमरी शिल्पकारों तक, तथा जम्मू-कश्मीर के होटलों में बसे पश्मीना उत्पाद तैयार करने वाले कारीगरों तक। ई-सारस पर प्रत्येक उत्पाद अपने साथ एक अद्वितीय कहानी संग्रहित किया गया है, और आपकी हरेक शॉप सीधे उस शिल्पकार से जुड़ी है जिसने एक माध्यम से इसे तैयार किया है।
यह मंच प्रमुख स्थान में स्थानीय उत्पाद उपलब्ध कराता है—
- घर एवं गृह-सज्जा
- महिलाओं के उपकरण एवं सहायक सामग्री
- पुरुषों के उपकरण एवं सहायक सामग्री
- व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद
- खाद्य उत्पाद
- बच्चों के खिलौने एवं सहायक सामग्री
ई-सरस के माध्यम से 8.62 करोड़ से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह समूह के पास एक डिजिटल स्टोर फ़्रांसीसी है, जिसमें से 85% सीधे ग्रामीण विकास मंत्रालय के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं(फरवरी)। 2024 तक।” यह प्लेटफ़ॉर्म उन्हें केवल एक बाज़ार उपलब्ध कराता है, बल्कि विपणन, ब्रांडिंग और परिवहन एवं आपूर्ति के लिए ऑटोमोबाइल सहायता भी प्रदान की जाती है।
|
दैवई- देश भर के लिए प्वाइंट अलायम 7,627 ब्लॉकों तक प्रवेश के लिए भुगतान किया गया है और ग्राउंड लेवल पर इन्सुलेटर्स को सहायता प्रदान की जाती है 1.51 करोड़ों समुदाय का एक मजबूत नेटवर्क तैयार हो गया है।
|

पोर्टल से ई-कॉमर्स इकोसिस्टम तक: प्रमुख उपलब्धियाँ
कुछ साल पहले एक साधारण वेब पोर्टल के रूप में शुरुआत हुई थी, यह सबसे पहले आज एक पूर्ण विकसित ई-कॉमर्स इकोसिस्टम के रूप में शुरू हुआ है। अब मोबाइल ऐप, भौतिक गैलरी प्रदर्शनी, राष्ट्रीय मेल, लॉजिस्टिक्स प्रोफेशनल सेंटर और भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्मों के एकीकरण जैस्मीन ढांचे शामिल हैं।
|
मॉडल का विकास
|
विस्तृत विवरण
|
|
ई-सरस पोर्टल का शुभारंभ
|
सारस नारियल के बेहतर और अधिक प्रभावशाली विपणन के लिए ई-मॉनिटेल पोर्टल https://www.esaras.in/ का लोकार्पण किया गया
|
|
ई-सरस मोबाइल ऐप की शुरुआत
|
ई-सरस सुविधा केंद्र के साथ ही मोबाइल ऐप की शुरुआत. इसका उपयोग रेस्तरां के गोदाम में किया जाता है, ट्रैक्टर और डिस्पेंसरी के लिए काम किया जाता है।
|
|
ओ.डी.सी
|
महिला स्वयं सहायता लैपटॉप के उत्पाद 11 अधिक से अधिक एप्लिकेट्स पर रोबोट उपलब्ध हैं। ओएसी ऑटोमोबाइल से जुड़े 20 करोड़ से अधिक डॉक्यूमेंट्री तक पहुंच है और इस पर 800 से अधिक हस्तशिल्प उत्पाद सूचीबद्ध हैं।
|
|
हाँ
|
ई-सरस को हाँ कंपनी पर भी सूचीबद्ध किया गया है। जून 2026 तक हाँ 2,572 सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं और इसके माध्यम से 796.69 करोड़ों से अधिक लेन-देन आख़िरकार हो गए हैं।
|
|
सरस शक्ति संग्रह
|
फैक्ट्री और बाज़ारों के लिए ‘राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026′ खास तौर पर चुने गए उपहारों का असली लॉन्च किया गया।
|
|
सारस प्रदर्शनी
|
नई दिल्ली के बाबा खड़क सिंह मार्ग पर महिला स्वयं सहायता विकलांगता के दस्तावेज के प्रदर्शन और बिक्री के लिए स्थिर ग्रेड गैलरी की स्थापना की गई।
|

आगे की राह: शिल्प, वाणिज्य और समुदाय
ओ.डी.सी, इंस्टाग्राम और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्मों के माध्यम से लगातार बढ़ती एकीकरण, ई-सरस ग्रामीण उत्पादकों को भारत की शिल्प विरासत को संरक्षित रखने के लिए बड़े पैमाने पर सामान रखने के लिए तैयार किया जा रहा है। जैसे-जैसे यह इकोसिस्टम आगे बढ़ रहा है, इसके विशिष्ट उद्यमों के अवसरों का जन्म और समावेशी ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका की अपेक्षा है।
ऐसा करके, ई-सरस इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है कि कैसे ‘डिजिटल इंडिया‘ महिलाओं को अस्थमा बनाया जा रहा है, भारत की समृद्ध हस्तशिल्प विरासत को संरक्षित किया जा रहा है और महिला-नेतृत्व वाले समावेशी ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान की जा रही है।
संदर्भ
ग्रामीण विकास मंत्रालय (ग्रामीण विकास मंत्रालय)
https://sansad.in/getFile/laksabhaquestions/annex/184/AU2884_xtODlC.pdf?source=pqals
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2278288®=48&lang=1
https://www.pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=1871641®=48&lang=2
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1937055®=48&lang=2
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2278288®=3&lang=1
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITy) यह अपडेट लोगों के लिए बेहद जरूरी है
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय)
https://www.pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2146920&ref=official-press.com®=48&lang=2
पीआईबी अभिलेखागार ((पुस्तकालय अभिलेख)
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2267960®=48&lang=2
https://www.pib.gov.in/PressNoteDetails.aspx?NoteId=159055&ModuleId=3®=48&lang=2
हिंदी PDF फ़ाइल के लिए यहाँ क्लिक करें
पीआईबी अनुसंधान (पी. (शोध)
****
पीके/केसी/पीकेपी
(रिलीज: 2279693)
अतिथि पटल : 64
📌 मुख्य बातें
- यह खबर pib.gov.in से ली गई है
- इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा
- सरकार/प्रशासन से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है
📊 क्या है पूरा मामला?
यह जानकारी आम जनता के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है
जो आने वाले समय में असर डाल सकती है।
💰 आम लोगों को क्या फायदा?
इच्छुक उम्मीदवार या लाभार्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जानकारी ले सकते हैं
और लोग इसका फायदा उठा सकते हैं।
🔍 कैसे करें आवेदन / चेक?
यह अपडेट बेहद महत्वपूर्ण है
📢 निष्कर्ष
इस खबर पर सभी की नजर बनी हुई है
अधिक जानकारी के लिए जुड़े रहें RxTv BHARAT के साथ।
👉 Source: pib.gov.in

