भारत में प्लास्टिक नोटों की चर्चा फिर तेज, जानिए क्या है इनका सच
पुराने सरकारी रिकॉर्ड में ₹10 के polymer notes के field trial का उल्लेख, लेकिन नए ट्रायल और लागू होने की तारीख को लेकर आधिकारिक पुष्टि जरूरी
नई दिल्ली, 17 अगस्त 2026। भारत में प्लास्टिक या polymer banknotes को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया और वीडियो रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि जल्द ही देश में प्लास्टिक के नोट चलने वाले हैं। हालांकि, इस दावे को समझने के लिए पुराने सरकारी रिकॉर्ड और भारतीय रिजर्व बैंक की मौजूदा जानकारी को देखना जरूरी है।
उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक पहले भी polymer/plastic banknotes के field trial की योजना बना चुके हैं। लोकसभा में 28 नवंबर 2014 को दिए गए सरकारी जवाब में ₹10 मूल्यवर्ग के एक अरब plastic notes के field trial का उल्लेख किया गया था।
पहले भी हुआ था प्लास्टिक नोट का field trial
सरकारी जवाब के अनुसार polymer/plastic notes को पांच शहरों में field trial के लिए प्रस्तावित किया गया था। इन शहरों में कोच्चि, मैसूर, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वर शामिल थे। इन शहरों का चयन अलग-अलग भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया गया था।
सरकार ने उस समय स्पष्ट किया था कि plastic notes लाने का प्रमुख उद्देश्य नोटों की आयु बढ़ाना था। उस समय यह भी कहा गया था कि लंबे समय के लिए polymer notes जारी करने का फैसला field trial के परिणाम के आधार पर किया जाएगा।

आखिर प्लास्टिक नोट क्यों लाने की जरूरत पड़ी?
कम मूल्यवर्ग के बैंक नोटों का इस्तेमाल अधिक होता है। लगातार हाथों में रहने, मुड़ने और सामान्य इस्तेमाल के कारण ऐसे नोट अपेक्षाकृत जल्दी खराब हो सकते हैं। इसी वजह से polymer technology के जरिए नोटों की durability बढ़ाने की संभावना पर सरकार और RBI पहले विचार कर चुके हैं।
2013 के सरकारी जवाब में भी कहा गया था कि lower denomination banknotes की life बढ़ाने के उद्देश्य से polymer/plastic notes के field trial का निर्णय लिया गया था।
क्या प्लास्टिक नोट नकली नोटों पर पूरी तरह रोक लगा देंगे?
polymer notes में आधुनिक security features शामिल किए जा सकते हैं और दुनिया के कई देशों में polymer banknotes का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, उपलब्ध भारतीय सरकारी रिकॉर्ड में plastic notes के field trial का मुख्य उद्देश्य नोटों की life बढ़ाना बताया गया था, न कि नकली नोटों को पूरी तरह समाप्त करना।
इसलिए यह कहना कि plastic notes आने के बाद नकली नोटों का कारोबार पूरी तरह खत्म हो जाएगा, उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर सही नहीं होगा।
क्या पुराने कागजी नोट बंद हो जाएंगे?
पुराने सरकारी रिकॉर्ड में polymer notes को लेकर यह स्पष्ट किया गया था कि उस समय मामला field trial के स्तर पर था और paper currency को polymer notes से बदलने का अंतिम निर्णय trial के परिणाम पर निर्भर करेगा।
इसलिए केवल plastic notes के field trial या प्रस्ताव की चर्चा से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मौजूदा कागजी नोट तुरंत बंद हो जाएंगे।
कटे-फटे नोट को लेकर क्या नियम है?

भारतीय रिजर्व बैंक के मौजूदा नियमों के अनुसार बैंक शाखाओं को आम जनता से soiled, mutilated और defective notes के exchange की सुविधा उपलब्ध करानी होती है। हालांकि, कटे-फटे नोटों के मामले में उनकी स्थिति और नियमों के अनुसार निर्णय लिया जाता है।
RBI के वर्तमान Master Direction के अनुसार जानबूझकर काटे, फाड़े या tamper किए गए नोटों के exchange claim को अस्वीकार किया जा सकता है।
₹10 और ₹20 के plastic notes पर क्या है स्थिति?
उपलब्ध पुराने सरकारी रिकॉर्ड में ₹10 के polymer notes के एक अरब टुकड़ों के field trial का उल्लेख मिलता है। 2017 के राज्यसभा जवाब में भी ₹10 denomination के plastic banknote substrate पर field trial की मंजूरी का उल्लेख किया गया था।
हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ₹10 और ₹20 के एक-एक अरब नए plastic notes के वर्ष 2026 में निश्चित रूप से जारी होने की तारीख की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसलिए इस दावे को आधिकारिक अधिसूचना के बिना तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
RBI तय करता है नोटों से जुड़ी व्यवस्था
RBI के अनुसार बैंक नोटों का design, form और material भारत सरकार द्वारा RBI के केंद्रीय बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर तय किया जाता है। नोटों में सुरक्षा सुविधाओं को शामिल करने का उद्देश्य उन्हें पहचानने में आसान बनाना और नकली नोटों की संभावना को कम करना है।
इसलिए भारत में plastic या polymer currency को लेकर कोई भी बड़ा बदलाव होने पर उसकी आधिकारिक जानकारी सरकार या RBI की ओर से जारी अधिसूचना अथवा आधिकारिक बयान के माध्यम से सामने आएगी।
📊 प्लास्टिक नोटों को लेकर जरूरी तथ्य
- भारत में polymer/plastic notes का field trial पहले प्रस्तावित किया जा चुका है।
- सरकारी रिकॉर्ड में ₹10 के एक अरब polymer notes के field trial का उल्लेख है।
- पहले प्रस्तावित field trial के लिए पांच शहर चुने गए थे।
- इनमें कोच्चि, मैसूर, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वर शामिल थे।
- मुख्य उद्देश्य lower denomination notes की life बढ़ाना बताया गया था।
- Plastic notes आने से नकली नोट पूरी तरह खत्म हो जाएंगे, ऐसा दावा आधिकारिक रिकॉर्ड से साबित नहीं होता।
- Paper notes को तुरंत बंद करने की बात भी उपलब्ध पुराने रिकॉर्ड में नहीं कही गई थी।
- 2026 में ₹10 और ₹20 plastic notes की निश्चित लॉन्च तारीख के दावे की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
मुख्य बातें
- भारत में plastic/polymer banknotes को लेकर पहले भी field trial की योजना बन चुकी है।
- सरकारी रिकॉर्ड में ₹10 के एक अरब polymer notes के field trial का उल्लेख है।
- पहले पांच शहरों में field trial की योजना बनाई गई थी।
- Polymer notes का प्रमुख उद्देश्य नोटों की life बढ़ाना बताया गया था।
- Plastic notes से नकली नोट पूरी तरह खत्म होने का दावा आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं है।
- 2026 में नए plastic notes की लॉन्च तारीख के दावे को आधिकारिक घोषणा से verify करना जरूरी है।


