बेंगलुरु में एक बड़े नागरिक निकाय की जगह पांच निगम अस्तित्व में आए आठ महीने हो गए हैं। वार्डों की संख्या 198 से लगभग दोगुनी होकर 369 हो गई है, जिससे शासन को नागरिकों के करीब ले जाने की उम्मीद है। लेकिन क्या सच में ऐसा हुआ है, चेतन बी.सी. ने पता लगाया
नये निगम, समस्याएँ वही पुरानी

